ratan tata success story in hindi
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ratan tata success story in hindi : जे . आर . डी . टाटा ‘ भारत रत्न ‘ देश का सर्वोच्च सम्मान है । सन् 1954 से 2008 तक यह सर्वोत्कृष्ट सम्मान 41 महान् व्यक्तियों को प्रदान किया गया है । इसको प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय , महान् दार्शनिक व भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ . सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे ।

ratan tata success story in hindi : इस शीर्ष सम्मान को ग्रहण करने वालों में सबसे अधिक राजनीतिज्ञ हैं । तत्पश्चात् महान् लेखक व विचारक , दार्शनिक , समाजसेवी , इंजीनियर , डॉक्टर , हिन्दी सेवी , कलाकार आदि हैं । 11 व्यक्तियों को किया गया है । यह सम्मान मरणोपरांत भी दिया गया है । दो विदेशियों को भी यह शिखर सम्मान प्रदान भारत के एक विशाल उद्योग के प्रमुख श्री जे . आर . डी . टाटा अपने ही जीवनकाल में एक महान् हस्ती बन गए हैं।

ratan tata biography in hindi : पाँच दशकों से वह सफलतापूर्वक भारतीय उद्योग व अपनी कम्पनियों के समूह का नेतृत्व करते आए हैं । श्री टाटा न केवल एक सफल उद्योगपति हैं , वरन् वह एक उत्कृष्ट प्रबन्धक , जोशपूर्ण खिलाड़ी , उत्साही विमान चालक व एक लोकप्रिय वक्ता भी हैं ।

अतः उनका कार्यक्षेत्र बहुत विशाल तथा व्यापक है और उनका व्यक्तित्व बहुआयामी व प्रभावशाली है । भारत सरकार ने देश के औद्योगिक विकास में उनकी सुदीर्घ सेवाओं के उपलक्ष्य में भारत रत्न प्रदान करके न केवल एक महान् भारतीय को , वरन् शीर्षस्थ उद्योगपतियों के प्रतीक को सम्मानित किया है । भारत के स्वतंत्र होने के पश्चात् इस वर्ष एक गैर – राजनीतिक व्यक्ति , महान् उद्योगपति जे . आर . डी . टाटा को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ भारत रत्न ‘ से सम्मानित किया गया है ।

ratan tata success story in hindi : देश के औद्योगीकरण को तेजी से आगे बढ़ाने और व्यापार , व्यवसाय एवं उद्योगों के क्षेत्र में साफ – सुथरी शैली स्थापित करने में जे . आर . डी . टाटा का योगदान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसी के साथ उन्हें टाटा उद्योग समूह को विश्व के मानचित्र पर रखने का श्रेय भी है । उनके सुदीर्घ जीवन के साथ अनेक किवदन्तियाँ जुड़ गई हैं ।

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नामजहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा
जन्म29 जुलाई , 1904
जन्म स्थानपेरिस
मृत्यु29 नवंबर 1993
माता-पितासुजेन – रतनजी दादाभाई टाटा
शादीअविवाहित
कार्यकाल1962–2012
पुरुस्कारपद्म विभूषण (2008) OBE (2009), भारत रत्न
उपलब्धियांसंयुक्त राष्ट्र महासभा – सन् 1948 , भारत के प्रतिनिधि |
सन् 1974 IAF द्वारा सम्मानित-एयर वाइस मार्शल
शिक्षाकेथेड्रल स्कूल
नागरिकभारत
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जे आर डी टाटा का पुरा नाम, जन्म, माता-पिता, शिक्षा और कार्य

ratan tata success story in hindi : श्री जे . आर . डी . टाटा का पूरा नाम जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा है । उनका जन्म 29 जुलाई , 1904 को पेरिस में हुआ था । उनके पिता रतनजी दादाभाई टाटा पेरिस में निर्यात का कारोबार करते थे । उनकी माँ सुजेन फ्रांसीसी थीं । जहाँगीर की स्कूली शिक्षा बम्बई के विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने दो वर्ष जापान के याकोहामा में बिताए ।

स्कूली शिक्षा समाप्त केथेड्रल स्कूल में हुई । वह अपनी छुट्टियाँ पेरिस में माता – पिता के साथ बिताते थे । प्रथम करने के बाद जहाँगीर अपने माता – पिता के पास फ्रांस लौट गए । फ्रांस में उन्हें अनिवार्य फौजी सेवा के लिए फौज में भर्ती कर लिया गया। 1924 का वर्ष उन्होंने एक फ्रांसीसी घुड़सवार रेजीमेंट के साथ अल्जीरिया में बिताया ।

ratan tata success story in hindi : उन दिनों जहाँगीर के पिता श्री रतनजी अपने पुत्र को उच्च शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज भेजने की सोच रहे थे , किन्तु उन्होंने उसे टाटा इस्पात कारखाने के महाप्रबन्धक जॉन पीटरसन का अपने ही कमरे में जहाँगीर के लिए एक और मेज लगवा दी । इसके बाद पाँच वर्ष तक जॉन सहायक बनाने का फैसला किया ।

महाप्रबन्धक जॉन पीटरसन के सहायक के रूप मे रतनजी टाटा

ratan tata biography in hindi : जॉन पीटरसन स्कॉट थे और काम के दीवाने थे । जॉन ने जे . आर . डी . का कहना है कि में सप्ताह में 75 घंटे काम करता था अर्थात् हर रोज साढ़े के पास जाने वाला प्रत्येक कागज जहाँगीर के पास होकर जाता था । उन दिनों के बारे में बारह घंटे . श्री जे . आर . डी . को सन् 1926 में अपने पिता की मृत्यु के बाद टाटा एण्ड सन्स में निदेशक बनाया गया । इससे पहले जे . आर . डी . ने 15 वर्ष की उम्र में विमान चालक बनने का फैसला किया था ।

सन् 1929 में कॉमर्शियल लाइसेंस पाने वाले वह पहले भारतीय थे . तीस के दशक में उन्होंने टाटा एयरलाइन्स शुरू की . अक्टूबर , 1932 में एक इंजन वाले पाइपर विमान से उन्होंने कराची और बम्बई के बीच पहली व्यापारिक उड़ान भरी . इसी विमान सेवा ने कालान्तर में एयर इण्डिया का रूप ले लिया ।

ratan tata success story in hindi : टाटा उद्योग समूह के प्रमुख सर नौरोजी सकालटवाला के निधन के पश्चात् सन् 1932 में जे . आर . डी . टाटा को अध्यक्ष बनाया गया । उन्होंने चार दशक से भी अधिक समय तक टाटा समूह का नेतृत्व किया और फिर अपेक्षाकृत युवा रतन टाटा को नेतृत्व सौंप दिया ।

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रतनजी टाटा द्वार आरंभ की गयी कम्पनियाँ कौन-कौन सी थी?

ratan tata success story in hindi : जे . आर . डी . टाटा उद्योग समूह के कामकाज में अब भी गहरी दिलचस्पी लेते हैं । पिछले दिनों टिस्को में कुछ नियुक्तियों को लेकर जो विवाद प्रारम्भ हुआ था , उसे सुलझाने में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई । जे . आर . डी . के नेतृत्व में टाटा उद्योग समूह ने रसायन , इलेक्ट्रॉनिक्स , इन्जीनियरिंग , ट्यूब , वोल्टाज , टाटा सर्विसेज , निर्यात टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड आदि अनेक कम्पनियाँ शुरू कीं ।

ratan tata success story in hindi : इसके अलावा उन्होंने मलेशिया और सिंगापुर में भी कम्पनियाँ स्थापित की कम्पनियाँ बहुत समय से इस्पात तैयार कर रही हैं— भारी और हल्के वाहन ( ट्रक ) बनाती हैं , कम्प्यूटरों का निर्माण करती हैं और होटलों एवं प्रिंटिंग सहित अनेक किस्म का व्यवसाय करती हैं ।

ratan tata biography in hindi : टाटा कम्पनियों की विशेषता उनकी उत्कृष्टता है । उन्होंने प्रत्येक क्षेत्र में इसके नए मानक स्थापित किए हैं । टाटा उद्योग समूह ने अनेक उद्योगों की स्थापना करके लाखों लोगों को रोजगार और खुशहाली प्रदान की है । निश्चय ही उन्होंने विपुल सम्पत्ति अर्जित की , लेकिन इसका प्रयोग हमेशा लोकहित में किया है ।

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ईश्वर के अवतार के रूप में रतनजी टाटा

ratan tata success story in hindi : जे . आर . डी . टाटा उद्योग समूह के लोग उन्हें ईश्वर का अवतार समझते हैं । उनके व्यावसायिक कौशल , औद्योगिक प्रतिभा और सहृदयी मानवता की सर्वत्र प्रशंसा की जाती है . बहुत वर्ष पहले ‘ लाइफ ‘ पत्रिका ने इस महान् उद्योगपति के व्यक्तित्व के उस पक्ष को उद्घाटित किया था , जिसकी जानकारी अपेक्षाकृत बहुत कम थी उन पर एक चित्र फीचर तैयार किया गया जिसके लिए उन्होंने एक पत्रकार तैनात की थी , जो इनके दैनिक कार्य को ।


ratan tata biography in hindi : देखती रहे और उनके घर पर ही उनके प्रत्येक कार्यकलाप की फोटो लेती रहे । जे . आर . डी . टाटा के अनुसार , वह एक सौम्य बालिका थी , जो अपना दायित्व बड़ी निष्ठा के साथ निभाती थी । ‘ लाइफ ‘ पत्रिका में उनके व्यक्तित्व के जिन पहलुओं का दिग्दर्शन किया गया , वे धे – बढ़त हुए टाटा औद्योगिक विकास क्षेत्र के अध्यक्ष के रूप में उनकी प्रबन्धकीय योग्यता और कुशाग्र बुद्धि ।

रतनजी टाटा का उपलब्धियाँ

ratan tata success story in hindi उपलब्धियाँ – श्री जे . आर . डी . टाटा की अनेकानेक उपलब्धियाँ रही हैं । टाटा समूह की कम्पनियों से वह किसी – न – किसी रूप में जुड़े रहे हैं । कुछ के वे निदेशक रहे , तो कुछ के अध्यक्ष ( Chairman or President ) रहे । इण्डियन एयरलाइन्स तथा भारतीय खेलकूद संघ से भी वह अभिन्न रूप से जुड़े रहे हैं । संयुक्त राष्ट्र महासभा में वह सन् 1948 में भारत के प्रतिनिधि के रूप में थे । सन् 1974 में उन्हें IAF द्वारा सम्मानित एयर वाइस मार्शल घोषित किया गया ।

उन्हें कम – से – कम तीन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया


दुर्गाप्रसाद खेतान स्मारक स्वर्ण पदक – 1970 ;
अगस्त पुरस्कार – 1978 तथा
टॉनीजेनस पुरस्कार , 1979.
रैंक ऑफ कमाण्डर ऑफ लीजन ऑफ ऑनर 1983 में प्रदान किया गया ।

भारत के तीन सुप्रसिद्ध विश्वविद्यालयों द्वारा उन्हें अपनी मानद उपाधियों से विभूषित किया गया –


D.Sc. – इलाहाबाद विश्वविद्यालय , उ . प्र . – 1947
D.Sc. – बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय . उ . प्र . – 1947
L.L.D. – बम्बई विश्वविद्यालय , महाराष्ट्र -1981

रतन टाटा को मिला सम्मान और पुरस्कार

2010 मानद डॉक्टर ऑफ लॉ यूनिवर्सिटी- ऑफ कैम्ब्रिज
2010 हैड्रियन अवार्डवर्ल्ड मेमोरियल फंड
2010 शांति पुरस्कार के लिए ओस्लो बिजनेस 
2013 यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर लाइफटाइम अचीवमेंटअर्नस्ट एंड यंग
2013 बिजनेस प्रैक्टिस के मानद डॉक्टर कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी
2013 एम्स्टर्डम के मानद डॉक्टरेट डिग्री विश्वविद्यालय
2014 बिजनेस के मानद डॉक्टरसिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी
2014 सयाजी रत्न पुरस्कारबड़ौदा मैनेजमेंट एसोसिएशन
2014 ब्रिटिश साम्राज्य के आदेश के मानद नाइट ग्रैंड क्रॉसयूनाइटेड किंगडम
2014 कनाडा विश्वविद्यालय में मानद डॉक्टर ऑफ लॉ  कानून, फ्रैमोक्रेसी, कनाडा विश्वविद्यालय
2015 स्वायत्त एचईसी,कनाडा विश्वविद्यालय
2015 मानद एचईसी पेरिस
2016 कमांडर ऑफ ऑनर फ्रांस की सरकार

निष्कर्ष :

ratan tata success story in hindi :- रतनजी टाटा हमारे देश के लिए वे एक महान गौरव है। ratan tata success story in hindi मे आज हमने रतन जी के बारे में सम्पूर्ण  ratan tata biography in hindi मे जाना है। रतन टाटा को मिला सम्मान और पुरस्कार आज भी हमारे लिए काफी महत्व रखता है। रतनजी नव युवक के लिए एक आधर्ष हैं।

रतन टाटा की 1 दिन की कमाई कितनी है ?

7416 Crore INR – प्रति माह इनकम , 90 Crore +,प्रति वर्ष इनकम :820 Crore +

रतन टाटा ने शादी क्यों नही किया?

कहा जाता है कि जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा को लॉस एंजिल्स से प्यार था लेकिन 1962 के भारत-चीन युद्ध के कारण ने उन्हें शादी करने से रोक दिया।

टाटा का संस्थापक कौन है?

जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा

दुनिया के कितने देशों में टाटा कंपनी अपना उत्पाद और निर्यात करती है?

लगभग – 140 देश