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Table of Contents

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alfred nobel in hindi : अल्फ्रेड नोबेल विश्व में ऐसी विलक्षण प्रतिभाएँ दुर्लभ ही होती हैं , जिनकी धन – सम्पदा और वैभव मानवता के लिए समर्पित होता है । यह भी हमारा मात्र भ्रम है कि कोई वैज्ञानिक किसी एक देश का होता है । सत्य तो यह है कि वैज्ञानिक सत्य की खोज में अपना जीवन अर्पण कर समूची मानवता के लिए , कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है ।

alfred nobel in hindi : सत्य की खोज में अपना जीवन एवं वैभव लुटाने वाला ऐसा ही वैज्ञानिक था – अल्फ्रेड नोबेल , जिसने अपनी अपार सम्पत्ति अपने वसीयतनामे द्वारा , विश्व के वैज्ञानिकों तथा शान्ति स्थापित करने वाले शान्ति दूतों को समर्पित कर दी ।

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nobel prize in hindi : अल्फ्रेड नोबेल की विशाल धन – सम्पदा नोबेल फाउण्डेशन ट्रस्ट में सुरक्षित है। जिसके ब्याज द्वारा दुनिया का सर्वाधिक सम्माननीय ‘ नोबेल पुरस्कार ‘ प्रतिवर्ष विश्व के लब्ध प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए , 10 दिसम्बर को वितरित किया जाता है ।
यह पुरस्कार भौतिक , रसायन व चिकित्सा विज्ञान के अतिरिक्त साहित्य व शान्ति के लिए विशेष योगदान पर भी दिया जाता है । वर्ष 1969 से अर्थशास्त्र विषय भी इस पुरस्कार में सम्मिलित किया गया है । वर्ष 1901 में पहली बार अल्फ्रेड नोबेल की याद में यह पुरस्कार प्रारम्भ हुए ,

अल्फ्रेड नोबेल जीवन परिचय चार्ट

नामअल्फ्रेड बर्नार्ड नोबेल
जन्म21 अक्टूबर 1833
जन्म स्थलस्टॉकहोल्म, स्वीडन
माता-पिताएंड्रिएट नोबेल – हमैनुएल नोबेल
कार्यविज्ञानिक अनुसंधान
मृत्यु10 दिसम्बर 1896 (उम्र 63)
मृत्यु स्थलसैनरेमो, ईटली
डाइनामाइट गम1875
अल्फ्रेड नोबेल जीवन परिचय

विश्व और भारत के प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता


alfred nobel in hindi : जिसे पाने वाले प्रथम भाग्यशाली व्यक्ति थे- भौतिकी में एक्स – किरणों के खोजने वाले डब्ल्यू . के रोन्टजन , शान्ति के क्षेत्र में जीन.एच. डुडनेन्ट तथा फ्रेडरिक पासी , साहित्य में सूली प्रूधोम , रसायन के क्षेत्र में जे . एच . वान्टहॉफ तथा चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में ई . ए . वान बेहरिंग , प्रथम नोबेल पुरस्कार पाने वाली महिला वैज्ञानिक फ्रांस की मैरी क्यूरी रहीं , जिन्होंने किसी महिला को मिलने वाला मात्रा पहला नोबेल पुरस्कार ही प्राप्त नहीं किया , वरन् भौतिकी तथा रसायन दोनों क्षेत्रों में अलग – अलग यह पुरस्कार प्राप्त किया ।

alfred nobel in hindi : मैरी क्यूरी एक ऐसे परिवार से जुड़ी हैं , जिसने दो पीढ़ियों तक पाँच नोबेल पुरस्कार जीते । अब तक तीन भारतीय नागरिकों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है । यह सम्मान प्राप्तकर्ता हैं – रवीन्द्रनाथ टैगोर ( 1913 में साहित्य के क्षेत्र में ) , सी . वी . रमन ( 1930 में भौतिकी के क्षेत्र में ) तथा मदर टेरेसा ( 1979 में शान्ति का नोबेल पुरस्कार ) । इनके अतिरिक्त विदेशी नागरिकता प्राप्त दो भारतीय वैज्ञानिक- हरगोविन्द खुराना व सुब्रह्मण्यम चन्द्रशेखर भी नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके हैं ।

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अल्फ्रेड नोबेल का जन्म कब हुआ

alfred nobel in hindi :  ‘ डाइनामाइट विस्फोटक के जनक अल्फ्रेड नोबेल का जन्म 21 अक्टूबर , 1833 को स्टॉकहोम ( स्वीडन ) में हुआ । बाल्यकाल सेंट पीटर्सवर्ग ( लेनिनग्राड ) में वीता । इनके पिता विस्फोटक के रूप में किया जाता था । यह रसायन , उन दिनो ‘ ब्लास्टिंग ऑयल ‘ के नाम से नोबेल का सेंट पीटर्सबर्ग में ‘ नाइट्रो ग्लिसरीन ‘ का उद्योग था जिसका उपयोग जाना जाता था ।

नोबेल के पिता को इस उद्योग के प्रारम्भ से ही दुःखद दुर्घटना का सामना करना पड़ा । 1859 ई . में इनकी फर्म के दिवालिया हो जाने के पश्चात् नोबेल ने स्वीडन वापस आकर नाइट्रोग्लिसरीन का उत्पादन प्रारम्भ कर दिया , किन्तु 1864 ई . में इनके और अल्फ्रेड नोबेल के सबसे छोटे भाई एमिल की मृत्यु हो गई ।

अल्फ्रेड नोबेल का नाइट्रोग्लिसरीन पर सफलता : dynamite ki khoj

alfred nobel in hindi : पूरी इमारत भी ध्वस्त होकर कारखाने में एक दिन भीषण विस्फोट हुआ जिससे उद्योग में कार्यरत् कई कामगार मजदूर ढह गई । स्वीडन सरकार द्वारा कारखाने की पुनर्स्थापना की अनुमति न मिलने के बावजूद नोबेल ने मालारेन सरोवर पर बाँध निर्माण करके उत्पादन जारी रखा । इसका शोधकार्य नाइट्रोग्लिसरीन के सुरक्षित परिवहन पर केन्द्रित था । एक दिन अचानक ही इन्हें अपने उद्देश्य में आकस्मिक रूप से सफलता प्राप्त हो गई ।

alfred nobel in hindi : एक दिन अचानक ही अल्फ्रेड नोबेल ने पाया कि एक विशेष कार्बनिक पैकिंग में नाइट्रोग्लिसरीन अवशोषित होकर शुष्क पदार्थ में परिणित हो जाती है । इस प्रकार इस विस्फोटक का ‘ हैडलिंग ‘ सुरक्षित हो गया था । इस नई खोज से नोबेल ‘ डाइनामाइट ‘ का निर्माण करने में सफल हुए । अल्फ्रेड अपनी खोज से बहुत उत्साहित हुए ।

अल्फ्रेड नोबेल के खोज और कार्य


alfred nobel in hindi : इस खोज से डाइनामाइट का परिवहन सुरक्षित तथा सरल हो गया , क्योंकि विस्फोट की घटनाओं के कारण , कोई भी परिवहन व्यवस्था , नाइट्रोग्लिसरीन को लाने ले जाने को तैयार न होती थी । उन्हें 1867 ई . में डाइनामाइट का ब्रिटिश पेटेंट तथा 1868 में अमरीकी पेटेंट मिला । 1889 ई . में उन्होंने ‘ बेलिस्टाइट ‘ नामक बिना धुएँ का विस्फोटक बनाया । कुल 335 पेटेंट , नोबेल ने तैयार किए , जिसमें कृत्रिम रबड़ , चमड़े तथा कृत्रिम रेशम पेटेंट भी थे ।

alfred nobel in hindi : बोफोर्स में उन्होंने विस्फोटकों का विशाल कारखाना बनाया । इस तरह उन्होंने अपने लिए अपार धन एकत्र कर लिया । नवीनतम् खोज के बाद नोबेल के उद्योग की प्रतिष्ठा बढ़ गई थी , क्योंकि डाइनामाइट द्वारा सुरक्षित विस्फोट द्वारा चट्टानें उड़ाने का काम किया जाने लगा था।

जिससे सड़क , पुल आदि शीघ्र व बिना दुर्घटना के तीव्रगति से बनने लगे । भाग्य के धनी अल्फ्रेड नोबेल के साथ एक और अनहोनी हुई जिससे वह 1875 में दूसरी सफल खोज कर पाए ।

अल्फ्रेड नोबेल द्वारा डाइनामाइट गम का खोज

alfred nobel in hindi : इमेन्युल वर्ष 1875 में प्रयोग के तौर पर अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी थोड़ी अँगुली कट जाने पर उस पर ‘ कोलाडियान ‘ गोंद पदार्थ लगाया ।

उसने पाया कि ‘ नाइट्रोग्लिसरीन ‘ की ‘ कोलाडियन ‘ से क्रिया द्वारा एक श्लेष्मी झिल्ली जैसा पदार्थ बन गया । यह जानकर उसने कोलाडियान को नाइट्रोग्लिसरीन के साथ मिलाकर गर्म किया । इस आश्चर्यजनक प्रयोग द्वारा उसे ज्ञात हुआ  कि प्राप्त हुआ झिल्लीनुमा पदार्थ , डाइनामाइट से अधिक विस्फोटक शक्ति रखता है ।

नोबेल ने इसका नाम ‘ डाइनामाइट गम ‘ रखा । सफलता के बाद अल्फ्रेड नोबेल की यही हार्दिक अभिलाषा थी विस्फोटकों के व्यापार में कि वह कोई ऐसे पदार्थ या मशीन का आविष्कार करें , जिसके भयानक परिणाम से दुनिया एक मित्र लेखिका ने अपनी पुस्तक ‘ ले डाउन योर आर्म्स ‘ में की है ।

अल्फ्रेड नोबेल जीवन परिचय

अल्फ्रेड नोबेल जीवन परिचय

अल्फ्रेड नोबेल का मृत्यु कब और कैसे हुआ ?

alfred nobel in hindi : वह मृत्युपर्यन्त इतनी घबड़ा जाए कि युद्ध असम्भव हो जाए । अल्फ्रेड की इस अभिलाषा की पुष्टि उसकी अविवाहित रहे । अल्फ्रेड नोबेल की 10 दिसम्बर , 1896 को विस्फोटकों के परीक्षण में दुःखद  मृत्यु हो गई ।

alfred nobel in hindi : अल्फ्रेड ने अपनी विरासत की 92,00,000 डॉलर की सम्पदा से वैज्ञानिकों , साहित्कारों तथा शान्ति हेतु उल्लेखनीय कार्य करने वालों को पुरस्कृत करने की वसीयत की। 1901 में प्रारम्भ इस पुरस्कार की राशि ₹ 8 लाख के समतुल्य थी । जिसके साथ एक प्रशस्ति पत्र भी दिया जाता था ।

नेशनल बैंक ऑफ स्वीडन द्वारा नोबेल पुरस्कार

alfred nobel in hindi : 1969 से नेशनल बैंक ऑफ स्वीडन द्वारा अर्थशास्त्र में भी नोबेल पुरस्कार दिया जाने लगा । यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 10 दिसम्बर को शान्ति के लिए नॉर्वे के ओस्लो नामक शहर में तथा शेष अन्य विषयों के लिए स्टॉकहोम में दिए जाते हैं । वर्ष 1990 से इस पुरस्कार की राशि मुद्रा के घटते मूल्यों के कारण , पुरस्कार का महत्व देखते हुए बढ़ा दी गई है ।

alfred nobel in hindi : ताकि पुरस्कार का मूल्य 1901 की राशि के तुल्य रहे । नोबेल फाउण्डेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष स्टिग रामेल ने यह निर्णय नोबेल पुरस्कार का महत्व बनाए रखने के उद्देश्य से लिया । इण्टरनेशनल रेडक्रॉस कमेटी को शान्ति के लिए तीन बार यह पुरस्कार मिल चुका है । जॉन बार्डीन , मैरी क्यूरी , फ्रेडरिक सेंगर तथा लिनस पॉलिंग को दो बार यह पुरस्कार प्राप्त हुआ ।

alfred nobel in hindi : शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त कार्यालय को भी शान्ति के लिए 2 बार नोबेल पुरस्कार मिल चुका है । सर्वाधिक नोबेल पुरस्कार अमरीकावासियों को तथा इसके पश्चात् ब्रिटिश नागरिकों को प्राप्त हुए हैं ।

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alfred nobel in hindi : कंपनी न्यूयॉर्क में अपनी टीम में शामिल होने के लिए नोबेल प्लस सिरप एमडी को काम पर रख रही है।  इस भूमिका में, आप नोबेल प्लस सिरप के लिए वैश्विक रणनीति को विकसित करने, क्रियान्वित करने और बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होंगे।  इसमें दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल सिरप निर्माण प्रक्रिया का प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन और नए उत्पादों और अवयवों को विकसित करना शामिल है।  आप नए उत्पादों और सामग्रियों को बाजारों में विकसित करने, स्केल करने और लॉन्च करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रक्रिया विकास टीम के साथ मिलकर काम करेंगे।

nobel md tablet uses in hindi :  शरीर विज्ञान या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार योशिनोरी ओहसुमी को उनकी खोजों के लिए दिया गया था कि कैसे कोशिकाओं को शरीर की कोशिकाओं, ऊतक और अंग के स्वस्थ कारखाने बनने के लिए पुन: प्रोग्राम किया जा सकता है।  इस खोज को “ऑटोफैगी” मार्ग के रूप में भी जाना जाता है।  इस खोज ने वैज्ञानिकों को यह जानने में मदद की है कि कई बीमारियों का इलाज कैसे किया जाता है और यहां तक ​​कि उनका इलाज भी किया जाता है।  इन बीमारियों में से एक न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है, जिसके लिए ओहसुमी ने नोबेल पुरस्कार जीता था।

nobel plus syrup uses in hindi :  फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार, जिसे मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है, चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट खोज करने वाले वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को प्रदान किया जाता है।  फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार मूल रूप से केवल उन लोगों को दिया जाता था जिन्होंने फिजियोलॉजी या फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार जीता था।

  हालाँकि, 1968 में, फिजियोलॉजी या मेडिसिन में पुरस्कार संयुक्त रूप से रसायन विज्ञान और फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किया गया था।  आज, फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार अभी भी केवल फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किया जाता है, लेकिन यह उन वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को भी प्रदान किया जाता है जो शरीर विज्ञान या चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खोज करते हैं।

nobel spas tablet uses in hindi :  फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान के वैज्ञानिकों को सेल सिग्नलिंग और अंग विकास के नियंत्रण से संबंधित उनकी खोजों के लिए दिया गया था।  पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों ने जीन, प्रोटीन और अन्य अणुओं की पहचान की और उनकी विशेषता बताई जो सेलुलर प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं, जैसे कि प्रजनन, विकास और भेदभाव।

  नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने यह भी पता लगाया कि कोशिकाएं बाहरी उत्तेजनाओं, जैसे हार्मोन या रसायनों पर कैसे प्रतिक्रिया करती हैं, और इन प्रतिक्रियाओं को कैसे नियंत्रित किया जाता है।  नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने सबसे पहले यह पता लगाया था कि कोशिकाएं बाहरी उत्तेजनाओं, जैसे हार्मोन या रसायनों पर कैसे प्रतिक्रिया करती हैं, और इन प्रतिक्रियाओं को कैसे नियंत्रित किया जाता है।


alfred nobel reading answers


A
alfred nobel in hindi : Since 1901, the Nobel Prize has been honoring men and women from all corners of the globe for outstanding achievements in physics, chemistry, medicine, literature, and for work in peace. The foundations for the prize were laid in 1895 when Alfred Nobel wrote his last will, leaving much of his wealth to the establishment of the Nobel Prize.

B
alfred nobel reading answers : Alfred Nobel was born in Stockholm on October 21, 1833. His father Immanuel Nobel was an engineer and inventor who built bridges and buildings in Stockholm. In connection with his construction work, Immanuel Nobel also experimented with different techniques for blasting rocks.

Successful in his industrial and business ventures, Immanuel Nobel was able, in 1842, to bring his family to St. Petersburg. There, his sons were given a first-class education by private teachers.

alfred nobel reading answers : The training included natural sciences, languages and literature. By the age of 17, Alfred Nobel was fluent in Swedish, Russian, French, English and German. His primary interests were in English literature and poetry as well as in chemistry and physics.

alfred nobel reading answers : Alfred’s father, who wanted his sons to join his enterprise as engineers, disliked Alfred’s interest in poetry and found his son rather introverted.

C
alfred nobel reading answers : In order to widen Alfred’s horizons, his father sent him abroad for further training in chemical engineering. During a two year period, Alfred Nobel visited Sweden, Germany, France and the United States.

In Paris, the city he came to like best, he worked in the private laboratory of Professor T. J. Pclouze, a famous chemist. There he met the young Italian chemist Ascanio Sobrero who, three years earlier, had invented nitroglycerine, a highly explosive liquid.

alfred nobel reading answers : But it was considered too dangerous to be of any practical use. Although its explosive power greatly exceeded that of gunpowder, the liquid would explode in a very unpredictable manner if subjected to heat and pressure.

alfred nobel reading answers : Alfred Nobel became very interested in nitroglycerine and howit could be put to practical use in construction work. He also realized that the safety problems had to be solved and a method had to be developed for the controlled detonation of nitroglycerine.

D
alfred nobel reading answers : After his return to Sweden in 1863, Alfred Nobel concentrated on developing nitroglycerine as an explosive, Several explosions, including one (1864) in which his brother Emil and several other persons were killed, convinced the authorities that nitroglycerine production was exceedingly dangerous.

They forbade further experimentation with nitroglycerine within the Stockholm city limits and Alfred Nobel had to move his experimentation to a barge anchored on Lake Malaren.

alfred nobel reading answers : Alfred was not discouraged and in 1864 he was able to start mass production of nitroglycerine. To make the handling of nitroglycerine safer Alfred Nobel experimented with different additives. He soon found that mixing nitroglycerine with kieselguhr would turn the liquid into a paste which could be shaped into rods of a size and form suitable for insertion into drilling holes.

alfred nobel reading answers :  In 1867 he patented this material under the name of dynamite, To be able to detonate the dynamite rods he also invented a detonator (blasting cap) which could be ignited by lighting a fuse. These inventions were made at the same time as the pneumatic drill came into general use. Together these inventions drastically reduced the cost of blasting rock, drilling tunnels, building canals and many other forms of construction work.

E
alfred nobel reading answers : The market for dynamite and detonating caps grew very rapidly and Alfred Nobel also proved himself to be a very skillful entrepreneur and businessman. Over the years he founded factories and laboratories in some 90 different places in more than 20 countries.

Although he lived in Paris much of his life he was constantly traveling. When he was not traveling or engaging in business activities Nobel himself worked intensively in his various laboratories, first in Stockholm and later in other places. He focused on the development of explosives technology as well as other chemical inventions including such materials as synthetic rubber and leather, artificial silk, etc. By the time of his death in 18%, he had 355 patents.

F
alfred nobel reading answers : Intensive work and travel did not leave much time for private life. At the age of 43, he was feeling like an old man. At this time he advertised in a newspaper “Wealthy, highly-educated elderly gentleman seeks the lady of mature age, versed in languages, as secretary and supervisor of household.

” The most qualified applicant turned out to be an Austrian woman, Countess Bertha Kinsky. After working a very short time for Nobel she decided to return to Austria to mary Count Arthur von Suttner. In spite of this Alfred Nobel and Bertha von Suttner remained friends and kept writing letters to each other for decades. Over the years Bertha von Suttner became increasingly critical of the arms race.

She wrote a famous book, Lay Down Your Arms and became a prominent figure in the peace movement. No doubt this influenced Alfred Nobel when he wrote his final will which was to include a Prize for persons or organizations who promoted peace. Several years after the death of Alfred Nobel, the Norwegian Storting (Parliament) decided to award the 1905 Nobel Peace Prize to Bertha von Suttner.

G
alfred nobel reading answers : Alfred Nobel died in San Remo, Italy, on December 10, 1896. When his will was opened it came as a surprise that his fortune was to be used for Prizes in Physics, Chemistry, Physiology or Medicine, Literature and Peace. The executors of his will were two young engineers,

Ragnar Sohlman and Rudolf Lilljequist. They set about forming the Nobel Foundation as an organization to take care of the financial assets left by Nobel for this purpose and to coordinate the work of the Prize-Awarding Institutions. This was not without its difficulties since the will was contested by relatives and questioned by authorities in various countries.

H
alfred nobel reading answers : Alfred Nobel’s greatness lay in his ability to combine the penetrating mind of the scientist and inventor with the forward-looking dynamism of the industrialist. Nobel was very interested in social and peace-related issues and held what were considered radical views in his era, He had a great interest in literature and wrote his own poetry and dramatic works. The Nobel Prizes became an extension and a fulfillment of his lifetime interests.

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Questions 1-6 (J Alfreal Nobel eiading anwer) Do the following statements agree with the information given in Reading Passage 1?

In boxes 1-6 on your answer sheet, write
TRUE if the statement is true
FALSE if the statement is false
NOT GIVEN if the information is not given in the passage

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1 The first Nobel Prize was awarded in 1895.
2 Nobel’s father wanted his son to have a better education than what he had had.
3 Nobel was an unsuccessful businessman.
4 Bertha von Suttnerwas selected by Nobel himself for the first peace prize.
5 The Nobel Foundation was established after the death of Nobel
6 Nobel’s social involvement was uncommon in the 1800s.
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Questions 7-13 Complete the notes below using NO MORE THAN TWO WORDS from the passage. Write your answers in boxes 7-13 on your answer sheet.

Education: Having accumulated a great fortune in his business, Nobel’s father determined to give his son the best education and sent him abroad to be trained in

7 . during Nobel’s study in Paris, he worked in a private laboratory, where he came in contact with a young engineer
8 . and his invention nitroglycerine, a more powerful explosive than
9 . Benefits in construction works: Nobel became really interested in this new explosive and experimented on it. But nitroglycerine was too dangerous and was banned for experiments within the city of
10 . So Nobel had to move his experiments to a lake. To make nitroglycerine easily usable, Nobel invented dynamite along with
11.. while in the meantime
12 . became popular, all of which dramatically lowered the
13 . f construction works.

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Answers:- Alfred Nobel reading answer
Passage 1
1. FALSE 2. NOT GIVEN 3. FALSE 4. FALSE 5.TRUE 6. TRUE 7. chemical engineering 8. Ascanio Sobrero 9. gunpower 10. Stockholm 11. detonator 12. pneumatic drill 13. cost

निष्कर्ष

alfred nobel in hindi : अल्फ्रेड नोबेल अपनी मृत्यु के 95 वर्ष बाद भी अमर हैं , क्योंकि उनके आविष्कार मानवता के कल्याण के लिए थे । अप्रत्यक्ष रूप से देखें , तो पाएंगे कि आज के युग की प्रगति में नोबेल का महान् योगदान है , क्योंकि आज भी सड़कें बनाने , सुरंगें खोदने , बाँध बनाने में डाइनामाइट का प्रयोग किया जाता है । ऐसे वैज्ञानिक मरकर भी अमर रहते हैं और सारा विश्व उन्हें सम्मान देता है , क्योंकि उनका जीवन देश , धर्म और सम्प्रदाय के बन्धन से मुक्त समूची मानवता के लिए समर्पित होता है ।

नोबेल पुरस्कार को कितने झेत्रो मे दिया जाता है?

शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र

अल्फ्रेड नोबेल का जन्म कब और कहाँ हुआ?

जन्म – अल्फ्रेड बर्नार्ड नोबेल 21 अक्टूबर 1833 स्टॉकहोल्म, स्वीडन

प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय

रवीन्द्रनाथ टैगोर ( 1913 में साहित्य के क्षेत्र में )

अल्फ्रेड नोबेल ने किसका आविष्कार किया ?

Blasting cap,Ballistite,जिलिग्नाइट,डायनामाइट